अलंकार - Alankar

पद पर अधिष्ठित हो। सामराजय एक महत्वशाली वस्तु है।'

देवालय के अध्यक्ष हरमोडोरस ने उत्तर दिया-'डोरियन महाशय ने जिज्ञासा की

है कि स्वदेश क्या है ? मेरा उत्तर है कि देवताओं की बलिवेदी और पितरों के समाधिस्तूप ही स्वदेश के पयार्प हैं। नागरिकता समृतियों और आशाओं के समावेश से उत्पन्न होती है।'

युवक एरिस्टोबोलस ने बात काटते हुए कहा-'भाई, ईश्वर जानता है, आज मैंने एक सुन्दर घोड़ा देखा। डेमोफून का था। उन्नत मस्तक है, छोटा मुंह


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पद पर अधिष्ठित हो। सामराजय एक महत्वशाली वस्तु है।'

देवालय के अध्यक्ष हरमोडोरस ने उत्तर दिया-'डोरियन महाशय ने जिज्ञासा की

है कि स्वदेश क्या है ? मेरा उत्तर है कि देवताओं की बलिवेदी और पितरों के समाधिस्तूप ही स्वदेश के पयार्प हैं। नागरिकता समृतियों और आशाओं के समावेश से उत्पन्न होती है।'

युवक एरिस्टोबोलस ने बात काटते हुए कहा-'भाई, ईश्वर जानता है, आज मैंने एक सुन्दर घोड़ा देखा। डेमोफून का था। उन्नत मस्तक है, छोटा मुंह


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