परेम और परकाश से बनाया था। इन दोनों शक्तियों में एक परकाश की थी और दूसरी अंधकार की थी-विरोध होना अनिवार्य था। यह घटना संसार की घटनासृष्टि के थोड़े ही दिनों पश्चात घटी। दोनों विरोधी शक्तियों से युद्ध छिड़ गया। ईश्वर अभी कठिन परिश्रम के बाद विश्राम न करने पाये थे; आदम और हौवा, आदि पुरुष, आदि स्त्री, अदन के बाग में नंगे घूमते और आनन्द से जीवन व्यतीत कर रहे थे। इतने में दुर्भाग्य से आइवे को सूझी कि इन दोनों पराणियों पर और
परेम और परकाश से बनाया था। इन दोनों शक्तियों में एक परकाश की थी और दूसरी अंधकार की थी-विरोध होना अनिवार्य था। यह घटना संसार की घटनासृष्टि के थोड़े ही दिनों पश्चात घटी। दोनों विरोधी शक्तियों से युद्ध छिड़ गया। ईश्वर अभी कठिन परिश्रम के बाद विश्राम न करने पाये थे; आदम और हौवा, आदि पुरुष, आदि स्त्री, अदन के बाग में नंगे घूमते और आनन्द से जीवन व्यतीत कर रहे थे। इतने में दुर्भाग्य से आइवे को सूझी कि इन दोनों पराणियों पर और