की आवश्यकता थी और पूर्व दम्पति की सरलहृदयता ने इसे और भी कठिन बना दिया। किन्तु दयालु सर्प से न रहा गया। उसने गुप्त रूप से इन पराणियों के उद्घार करने का निश्चय किया। आइवे डींग तो यह मारता था कि वह अन्तयार्मी है लेकिन यथार्थ में वह बहुत सूक्ष्मदर्शी न था। सर्प ने इन पराणियों के पास आकर पहले उन्हंें अपने पैरों की सुन्दरता और खाल की चमक से मुग्ध कर दिया। देह से भिन्नभिन्न आकार बनाकर उसने उनकी विचारशक्ति को जागृत कर दिया।
की आवश्यकता थी और पूर्व दम्पति की सरलहृदयता ने इसे और भी कठिन बना दिया। किन्तु दयालु सर्प से न रहा गया। उसने गुप्त रूप से इन पराणियों के उद्घार करने का निश्चय किया। आइवे डींग तो यह मारता था कि वह अन्तयार्मी है लेकिन यथार्थ में वह बहुत सूक्ष्मदर्शी न था। सर्प ने इन पराणियों के पास आकर पहले उन्हंें अपने पैरों की सुन्दरता और खाल की चमक से मुग्ध कर दिया। देह से भिन्नभिन्न आकार बनाकर उसने उनकी विचारशक्ति को जागृत कर दिया।