यूनान के गणितआचार्यों ने उन आकारों के अद्भुत गुणों को स्वीकार किया है। आदम इन आकारों पर हौवा की अपेक्षा अधिक विचारता था, किन्तु जब सर्प ने उनसे ज्ञानतत्त्वों का विवेचन करना शुरू किया-उन रहस्यों का जो परत्यक्षरूप से सिद्ध नहीं किये जा सकते-तो उसे ज्ञात हुआ कि आदम लाल मिट्टी से बनाये जाने के कारण इतना स्थूल बुद्धि था कि इन सूक्ष्म विवेचनों को गरहण नहीं कर सकता था, लेकिन हौवा अधिक चैतन्य होने के कारण इन विषयों को आसानी से
यूनान के गणितआचार्यों ने उन आकारों के अद्भुत गुणों को स्वीकार किया है। आदम इन आकारों पर हौवा की अपेक्षा अधिक विचारता था, किन्तु जब सर्प ने उनसे ज्ञानतत्त्वों का विवेचन करना शुरू किया-उन रहस्यों का जो परत्यक्षरूप से सिद्ध नहीं किये जा सकते-तो उसे ज्ञात हुआ कि आदम लाल मिट्टी से बनाये जाने के कारण इतना स्थूल बुद्धि था कि इन सूक्ष्म विवेचनों को गरहण नहीं कर सकता था, लेकिन हौवा अधिक चैतन्य होने के कारण इन विषयों को आसानी से