के परति लोग परकट करते हैं। वह यह भूल जाते हैं कि स्वयं मसीह ने इस चुम्बन के विषय में भविष्यवाणी की थी जो उन्हीं के सिद्घान्तों के अनुसार मानवजाति के उद्घार के लिए आवश्यक था और यदि जूदा तीस मुद्राएं न लिया होता तो ईश्वरीय व्यवस्था में बाधा पड़ती, पूर्वनिश्चित घटनाओं की शृंखला टूट जाती; दैवी विधानों में व्यतित्र्कम उपस्थित हो जाता और संसार में अविद्या, अज्ञान और अधर्म की तूती बोलने लगती।'*
मार्कस-'परमात्मा को विदित था कि जूदा,
के परति लोग परकट करते हैं। वह यह भूल जाते हैं कि स्वयं मसीह ने इस चुम्बन के विषय में भविष्यवाणी की थी जो उन्हीं के सिद्घान्तों के अनुसार मानवजाति के उद्घार के लिए आवश्यक था और यदि जूदा तीस मुद्राएं न लिया होता तो ईश्वरीय व्यवस्था में बाधा पड़ती, पूर्वनिश्चित घटनाओं की शृंखला टूट जाती; दैवी विधानों में व्यतित्र्कम उपस्थित हो जाता और संसार में अविद्या, अज्ञान और अधर्म की तूती बोलने लगती।'*
मार्कस-'परमात्मा को विदित था कि जूदा,