बिना किसी के दबाव के कपट कर जायेगा, अतएवं उसने जूदा के पाप को मुक्ति के विशाल भवन का एक मुख्य स्तम्भ बना लिया।'
जेनाथेमीज-'मार्कस महोदय, मैंने अभी जो कथन किया है, वह इस भाव से किया है मानो मसीह के सलीब पर च़ने से मानव जाति का उद्घार पूर्ण हो गया। इसका कारण है कि मैं ईसाइयों ही के गरन्थों और सिद्घान्तों से उन लोगों को भरांति सिद्ध करना चाहता था, जो जूदा को धिक्कारने से बाज नहीं आते ! लेकिन वास्तव में ईसा मेरी निगाह में
बिना किसी के दबाव के कपट कर जायेगा, अतएवं उसने जूदा के पाप को मुक्ति के विशाल भवन का एक मुख्य स्तम्भ बना लिया।'
जेनाथेमीज-'मार्कस महोदय, मैंने अभी जो कथन किया है, वह इस भाव से किया है मानो मसीह के सलीब पर च़ने से मानव जाति का उद्घार पूर्ण हो गया। इसका कारण है कि मैं ईसाइयों ही के गरन्थों और सिद्घान्तों से उन लोगों को भरांति सिद्ध करना चाहता था, जो जूदा को धिक्कारने से बाज नहीं आते ! लेकिन वास्तव में ईसा मेरी निगाह में