मैंने तुम्हारी परतिमाओं का लेशमात्र भी अपमान नहीं किया जो तुमने मेरी आत्मा के मन्दिर में परतिष्ठित कर दी हैं। मैंने वहीं अपने विचारों को, पुष्पमालाओं को, दीपकों को, सुगंध को तुम्हारी भेंट किया है। मैंने तुम्हारे ही उपदेशों के अनुसार जीवन व्यतीत किया है, और अब जीवन से उकता गया हूं।'
यह कहर उसने अपने हाथों को ऊपर की तरफ उठाया और एक पल विचार में मग्न रहा। तब वह आनन्द से उल्लसित होकर बोला-'यूत्र्काइटीज, अपने को जीवन से पृथक कर ले,
मैंने तुम्हारी परतिमाओं का लेशमात्र भी अपमान नहीं किया जो तुमने मेरी आत्मा के मन्दिर में परतिष्ठित कर दी हैं। मैंने वहीं अपने विचारों को, पुष्पमालाओं को, दीपकों को, सुगंध को तुम्हारी भेंट किया है। मैंने तुम्हारे ही उपदेशों के अनुसार जीवन व्यतीत किया है, और अब जीवन से उकता गया हूं।'
यह कहर उसने अपने हाथों को ऊपर की तरफ उठाया और एक पल विचार में मग्न रहा। तब वह आनन्द से उल्लसित होकर बोला-'यूत्र्काइटीज, अपने को जीवन से पृथक कर ले,