अलंकार - Alankar

थे। यूत्र्काइटीज का कथन इतना विचारपूर्ण और मधुर था कि मार्कस ने कहा-'तुम सच्चे परमात्मा को जानने के योग्य हो।'

यूत्र्काइटीज ने कहा-'सच्चा परमात्मा सच्चे मनुष्य के हृदय में रहता है।'

तब वह लोग मृत्यु की चचार करने लगे।

यूत्र्काइटीज ने कहा-'मैं चाहता हूं कि जब वह आये तो मुझे अपने दोषों को सुधारने और कर्त्तव्यों का पालन करने में लगा हुआ देखे। उसके सम्मुख मैं अपने निर्मल हाथों को आकाश की ओर उठाऊंगा और देवताओं से कहूंगा-पूज्य देवों,


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थे। यूत्र्काइटीज का कथन इतना विचारपूर्ण और मधुर था कि मार्कस ने कहा-'तुम सच्चे परमात्मा को जानने के योग्य हो।'

यूत्र्काइटीज ने कहा-'सच्चा परमात्मा सच्चे मनुष्य के हृदय में रहता है।'

तब वह लोग मृत्यु की चचार करने लगे।

यूत्र्काइटीज ने कहा-'मैं चाहता हूं कि जब वह आये तो मुझे अपने दोषों को सुधारने और कर्त्तव्यों का पालन करने में लगा हुआ देखे। उसके सम्मुख मैं अपने निर्मल हाथों को आकाश की ओर उठाऊंगा और देवताओं से कहूंगा-पूज्य देवों,


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