अलंकार - Alankar

तूने इन विष्ठामय गोबरैलों को अपनी ओर रेंगकर आते और अपने को उनके गन्दे स्पर्श से अपवित्र करते देखा है। तूने औरों को पशुओं की भांति अपने गुलामों के पैरों के पास सोते देखा है। तूने उन्हें पशुओं की भांति उसी फर्श पर संभोग करते देखा है जिस पर वह मदिरा से उन्मत्त होकर कै कर चुके थे ! तूने एक मन्दबुद्धि, सठियाये हुए बुड्ढे को अपना रक्त बहाते देखा है जो उस शराब से भी गन्दा था जो इन भरष्टाचारियों ने बहाई थी। ईश्वर को धन्य है !


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तूने इन विष्ठामय गोबरैलों को अपनी ओर रेंगकर आते और अपने को उनके गन्दे स्पर्श से अपवित्र करते देखा है। तूने औरों को पशुओं की भांति अपने गुलामों के पैरों के पास सोते देखा है। तूने उन्हें पशुओं की भांति उसी फर्श पर संभोग करते देखा है जिस पर वह मदिरा से उन्मत्त होकर कै कर चुके थे ! तूने एक मन्दबुद्धि, सठियाये हुए बुड्ढे को अपना रक्त बहाते देखा है जो उस शराब से भी गन्दा था जो इन भरष्टाचारियों ने बहाई थी। ईश्वर को धन्य है !


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