लेशमात्र भी अत्युक्ति नहीं है कि जो स्त्रियां यहां पर रहकर उन नियमों का पालन करती हैं उनके पैर धरती पर रहते हैं और सिर आकाश पर। वह धन से घृणा करती हैं जिसमें परभु मसीह उन पर परेम करें; लज्जाशील रहती हैं कि वह उन पर कृपादृष्टिपात करें, सती रहती हैं कि वह उन्हें परेयसी बनायें। परभु मसीह माली का वेश धारण करके, नंगे पांव, अपने विशाल बाहु को फैलाये, नित्य दर्शन देते हैं। उसी तरह उन्होंने माता मरियम को कबर के द्वार पर दर्शन दिये थे। मैं आज तुझे उस आश्रम में ले जाऊंगा,
लेशमात्र भी अत्युक्ति नहीं है कि जो स्त्रियां यहां पर रहकर उन नियमों का पालन करती हैं उनके पैर धरती पर रहते हैं और सिर आकाश पर। वह धन से घृणा करती हैं जिसमें परभु मसीह उन पर परेम करें; लज्जाशील रहती हैं कि वह उन पर कृपादृष्टिपात करें, सती रहती हैं कि वह उन्हें परेयसी बनायें। परभु मसीह माली का वेश धारण करके, नंगे पांव, अपने विशाल बाहु को फैलाये, नित्य दर्शन देते हैं। उसी तरह उन्होंने माता मरियम को कबर के द्वार पर दर्शन दिये थे। मैं आज तुझे उस आश्रम में ले जाऊंगा,