मारकर आया है। वह तुझे इस भरष्ट जीवन से पृथक कर देगा जैसे अंगूर बटोरने वाला माली उन गुच्छों को तोड़ लेता है जो पेड़ में लगेलगे सड़ जाते हैं और उन्हें कोल्हू में ले जाकर सुगंधपूर्ण शराब के रूप में परिणत कर देता है। सुन, इस्कन्द्रिया से केवल बारह घण्टे की राह पर, समुद्रतट के समीप वैरागियों का एक आश्रम है जिसके नियम इतने सुन्दर, बुद्धिमत्ता से इतने परिपूर्ण हैं कि उनको पद्य का रूप देकर सितार और तम्बूरे पर गाना चाहिए। यह कहना
मारकर आया है। वह तुझे इस भरष्ट जीवन से पृथक कर देगा जैसे अंगूर बटोरने वाला माली उन गुच्छों को तोड़ लेता है जो पेड़ में लगेलगे सड़ जाते हैं और उन्हें कोल्हू में ले जाकर सुगंधपूर्ण शराब के रूप में परिणत कर देता है। सुन, इस्कन्द्रिया से केवल बारह घण्टे की राह पर, समुद्रतट के समीप वैरागियों का एक आश्रम है जिसके नियम इतने सुन्दर, बुद्धिमत्ता से इतने परिपूर्ण हैं कि उनको पद्य का रूप देकर सितार और तम्बूरे पर गाना चाहिए। यह कहना