उसके नाम पर नहीं आते। इस कारण इस देवता की परतिष्ठा करनी चाहिए। देखिए पिताजी, यह छोटासा एरास कितना मनोहर है। एक दिन निसियास ने, जो उन दिनों मुझ पर परेम करता था इसे मेरे पास लाकर कहा-आज तो यह देवता यहीं रहेगा और तुम्हें मेरी याद दिलायेगा। पर इस नटखट बालक ने मुझे निसियास की याद तो कभी नहीं दिलाई; हां, एक युवक की याद नित्य दिलाता रहा जो एन्टिओक में रहता था और जिसके साथ मैंने जीवन का वास्तविक आनन्द उठाया। फिर वैसा पुरुष नहीं
उसके नाम पर नहीं आते। इस कारण इस देवता की परतिष्ठा करनी चाहिए। देखिए पिताजी, यह छोटासा एरास कितना मनोहर है। एक दिन निसियास ने, जो उन दिनों मुझ पर परेम करता था इसे मेरे पास लाकर कहा-आज तो यह देवता यहीं रहेगा और तुम्हें मेरी याद दिलायेगा। पर इस नटखट बालक ने मुझे निसियास की याद तो कभी नहीं दिलाई; हां, एक युवक की याद नित्य दिलाता रहा जो एन्टिओक में रहता था और जिसके साथ मैंने जीवन का वास्तविक आनन्द उठाया। फिर वैसा पुरुष नहीं