मिला यद्यपि मैं सदैव उसकी खोज में तत्पर रही। अब इस अग्नि को शान्त होने दीजिए, पिताजी ! अतुल धन इसकी भेंट हो चुका। इस बालमूर्ति को आश्रय दीजिए और इसे स्वरक्षित किसी धर्मशाला में स्थान दिला दीजिए। इसे देखकर लोगों के चित्त ईश्वर की ओर परवृत्त होंगे, क्योंकि परेम स्वभावतः मन में उत्कृष्ट और पवित्र विचारों को जागृत करता है।'
थायस मन में सोच रही थी कि उसकी वकालत का अवश्य असर होगा और कमसे-कम यह मूर्ति तो बच जायेगी। लेकिन पापनाशी बाज की भांति झपटा,
मिला यद्यपि मैं सदैव उसकी खोज में तत्पर रही। अब इस अग्नि को शान्त होने दीजिए, पिताजी ! अतुल धन इसकी भेंट हो चुका। इस बालमूर्ति को आश्रय दीजिए और इसे स्वरक्षित किसी धर्मशाला में स्थान दिला दीजिए। इसे देखकर लोगों के चित्त ईश्वर की ओर परवृत्त होंगे, क्योंकि परेम स्वभावतः मन में उत्कृष्ट और पवित्र विचारों को जागृत करता है।'
थायस मन में सोच रही थी कि उसकी वकालत का अवश्य असर होगा और कमसे-कम यह मूर्ति तो बच जायेगी। लेकिन पापनाशी बाज की भांति झपटा,