अलंकार - Alankar

ईंधन और आग लाने गये। औरों ने भी उनका अनुकरण किया, क्योंकि यह सब दरिद्र थे और धन से घृणा करते थे और धन से बदला लेने की उनमें स्वाभाविक परवृत्ति थी-जो धन हमारे काम नहीं आता, उसे नष्ट ही क्यों न कर डालें ! जो वस्त्र हमें पहनने को नहीं मिल सकते, उन्हें जला ही क्यों न डालें ! उन्हें इस परवृत्ति की शांत करने का यह अच्छा अवसर मिला। जिन वस्तुओं ने हमें इतने दिनों तक जलाया है, उन्हें आज जला देंगे। चिता तैयार हो रही थी और घर की


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ईंधन और आग लाने गये। औरों ने भी उनका अनुकरण किया, क्योंकि यह सब दरिद्र थे और धन से घृणा करते थे और धन से बदला लेने की उनमें स्वाभाविक परवृत्ति थी-जो धन हमारे काम नहीं आता, उसे नष्ट ही क्यों न कर डालें ! जो वस्त्र हमें पहनने को नहीं मिल सकते, उन्हें जला ही क्यों न डालें ! उन्हें इस परवृत्ति की शांत करने का यह अच्छा अवसर मिला। जिन वस्तुओं ने हमें इतने दिनों तक जलाया है, उन्हें आज जला देंगे। चिता तैयार हो रही थी और घर की


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