अंकवारों में उठाउठाकर झोंकना शुरू किया। इस परकार कितना धन नष्ट हुआ, इसका अनुमान करना है। इधर तो ज्वाला उठ रही थी, चिनगारियां उड़ रही थीं, चटाकपटाक की निरन्तर ध्वनि सुनाई देती थी, उधर हब्शी गुलाम इस विनाशक दृश्य से उन्मत्त होकर तालियां बजाबजाकर और भीषण नाद से चिल्लाचिल्लाकर नाच रहे थे। विचित्र दृश्य था, धमोर्त्साह का कितना भयंकर रूप !
इन गुलामों में से कई ईसाई थे। उन्होंने शीघर ही इस परकार का आश्य समझ लिया और घर में
अंकवारों में उठाउठाकर झोंकना शुरू किया। इस परकार कितना धन नष्ट हुआ, इसका अनुमान करना है। इधर तो ज्वाला उठ रही थी, चिनगारियां उड़ रही थीं, चटाकपटाक की निरन्तर ध्वनि सुनाई देती थी, उधर हब्शी गुलाम इस विनाशक दृश्य से उन्मत्त होकर तालियां बजाबजाकर और भीषण नाद से चिल्लाचिल्लाकर नाच रहे थे। विचित्र दृश्य था, धमोर्त्साह का कितना भयंकर रूप !
इन गुलामों में से कई ईसाई थे। उन्होंने शीघर ही इस परकार का आश्य समझ लिया और घर में