बहुत सी सेना भेजी। परन्तु दक्षिण की समस्त हिन्दू रियासतों ने और शाहजी भोंसले आदि ने खांजहां लोदी को मदद दी, खूब डट कर लड़ाई हुई। फलस्वरूप मुसलमानी सेना को अधिक हानि उठानी पड़ी और विफल मनोरथ ही सेना वापस लौटी। इस पराजय से शाहजहां को इतना क्रोध आया कि स्वयम् एक बड़ी सेना लेकर दक्षिण की ओर चला। अन्त में डट कर युद्व हुआ परन्तु खांजहां हार कर भाग गया। शाहजी भोंसले ने देखा कि जिसके लिए हम मुगलवंश से युद्व कर रहे थे वह भाग निकला
बहुत सी सेना भेजी। परन्तु दक्षिण की समस्त हिन्दू रियासतों ने और शाहजी भोंसले आदि ने खांजहां लोदी को मदद दी, खूब डट कर लड़ाई हुई। फलस्वरूप मुसलमानी सेना को अधिक हानि उठानी पड़ी और विफल मनोरथ ही सेना वापस लौटी। इस पराजय से शाहजहां को इतना क्रोध आया कि स्वयम् एक बड़ी सेना लेकर दक्षिण की ओर चला। अन्त में डट कर युद्व हुआ परन्तु खांजहां हार कर भाग गया। शाहजी भोंसले ने देखा कि जिसके लिए हम मुगलवंश से युद्व कर रहे थे वह भाग निकला