छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

स्थिर न रहा तो शाह जी भोंसले निजामशाही राज्य छोड़कर बीजापुर के दरबार में चला गया। उन दिनों शाहजी भोंसले का दक्षिण में बड़ा जोर था। आदिलशाह (बीजापुर) बादशाह से शाहजी का मिल जाना बहुत अच्छा हुआ। इस समय फतेहखां ने शांहशाही सेनापति महाबत खां से झगड़ा कर दौलताबाद अर्थात् बीजापुर की राजधानी पर चढ़ाई कर दी। शाहजी भोंसले इसके साथ खूब वीरता से लड़ते रहे परन्तु अन्त में हार गये। बीजापुर वालों ने फतेहखां से सन्धि की बातचीत की जिसमें


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स्थिर न रहा तो शाह जी भोंसले निजामशाही राज्य छोड़कर बीजापुर के दरबार में चला गया। उन दिनों शाहजी भोंसले का दक्षिण में बड़ा जोर था। आदिलशाह (बीजापुर) बादशाह से शाहजी का मिल जाना बहुत अच्छा हुआ। इस समय फतेहखां ने शांहशाही सेनापति महाबत खां से झगड़ा कर दौलताबाद अर्थात् बीजापुर की राजधानी पर चढ़ाई कर दी। शाहजी भोंसले इसके साथ खूब वीरता से लड़ते रहे परन्तु अन्त में हार गये। बीजापुर वालों ने फतेहखां से सन्धि की बातचीत की जिसमें


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