छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

एक शर्त यह थी कि फतेहखां शाहजी भोंसले को वीरता से युद्व करने के बदले बहुत कुछ पारितोषिक दें। चतुर फतेहखां ने बीजापुर वालों से सन्धि करते ही मुगल सेना पर आग बरसाना आरम्भ कर दिया जिसको देख कर महाबतखां को बहुत क्रोध आया और उसने फतेहखां को गिरफ्तार करने का प्रबन्ध किया । जब फतेहखां हाथ में आ गया तब महाबतखां ने ठानी कि शाहजी भोंसले को जीतना चाहिए क्योंकि तभी बीजापुर व अहमदनगर पूर्ण रूप से अपने हाथ में आ जायेंगे। परन्तु मुसलमानी


109 of 401

एक शर्त यह थी कि फतेहखां शाहजी भोंसले को वीरता से युद्व करने के बदले बहुत कुछ पारितोषिक दें। चतुर फतेहखां ने बीजापुर वालों से सन्धि करते ही मुगल सेना पर आग बरसाना आरम्भ कर दिया जिसको देख कर महाबतखां को बहुत क्रोध आया और उसने फतेहखां को गिरफ्तार करने का प्रबन्ध किया । जब फतेहखां हाथ में आ गया तब महाबतखां ने ठानी कि शाहजी भोंसले को जीतना चाहिए क्योंकि तभी बीजापुर व अहमदनगर पूर्ण रूप से अपने हाथ में आ जायेंगे। परन्तु मुसलमानी


109 of 401