छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

नष्ट हो गया किन्तू नष्ट होते होते उसने एक बार करवट बदली और अपने भविष्य के निर्माण में तत्पर हो गया। एक अन्य जाति भी है जिसकी गौरव पताका किसी समय सारे संसार में लहराई थी, उस समय जब कि वर्तमान में सभ्य कहलाने वाली जातियों का कहीं अता पता नहीं था। इस जाति के शास्त्र और वाणी, धर्म और दर्शन, शील और चरित्र, वीरता और गम्भीरता सभी कुछ सर्वोच्च थी। इसका साक्षी है कि यह जाति की कीर्ति और सभ्यता का गौरव गान कर रहा है।

इस जाति


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नष्ट हो गया किन्तू नष्ट होते होते उसने एक बार करवट बदली और अपने भविष्य के निर्माण में तत्पर हो गया। एक अन्य जाति भी है जिसकी गौरव पताका किसी समय सारे संसार में लहराई थी, उस समय जब कि वर्तमान में सभ्य कहलाने वाली जातियों का कहीं अता पता नहीं था। इस जाति के शास्त्र और वाणी, धर्म और दर्शन, शील और चरित्र, वीरता और गम्भीरता सभी कुछ सर्वोच्च थी। इसका साक्षी है कि यह जाति की कीर्ति और सभ्यता का गौरव गान कर रहा है।

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