की भाषा ने संसार की विभिन्न प्रचलित भाषाओं को जन्म दिया है। इसके शिल्प और ज्ञान को अन्यों ने सीखां इस जाति के आविर्भाव के पश्चात् न जाने कितनी जातियां इस पृथ्वी पर जन्मीं और नष्ट हुई किन्तू समय के घात प्रतिघात को सहते हुए आज भी यह जाति जीवित है, यद्यपि जराजीर्ण अवश्य हो गई है।
8 छत्रपति शिवाजी
अनेक लोग हमारी उक्त धारणा से सहमत नहीं हैं किन्तू उन्हें यह जान लेना चाहिए कि हमारे उक्त कथन को अनेक पाश्चाात्य विद्वानों
की भाषा ने संसार की विभिन्न प्रचलित भाषाओं को जन्म दिया है। इसके शिल्प और ज्ञान को अन्यों ने सीखां इस जाति के आविर्भाव के पश्चात् न जाने कितनी जातियां इस पृथ्वी पर जन्मीं और नष्ट हुई किन्तू समय के घात प्रतिघात को सहते हुए आज भी यह जाति जीवित है, यद्यपि जराजीर्ण अवश्य हो गई है।
8 छत्रपति शिवाजी
अनेक लोग हमारी उक्त धारणा से सहमत नहीं हैं किन्तू उन्हें यह जान लेना चाहिए कि हमारे उक्त कथन को अनेक पाश्चाात्य विद्वानों