पहाड़ी किला था। इस किले का मार्ग बहुत कठिन और दुर्गम था। शिवाजी ने अपने मावली साथियों की सहायता से तोरण किले के अध्यक्ष से परिचय प्राप्त किया और उसको किसी प्रकार इस बात पर प्रसन्न कर लिया कि वह तोरण किला उनको शिवाजी दे देवे। शिवाजी के जीवन का सबसे प्रथम कार्य जो बिना युद्व किये ही समाप्त हुआ, वह तोरण के दुर्ग को प्राप्त करना था जो सन् 1636 ई. में पूर्ण हुआ। उस समय जब शिवाजी की अवस्था केवल 19 वर्ष की थी। किला प्राप्त करने
पहाड़ी किला था। इस किले का मार्ग बहुत कठिन और दुर्गम था। शिवाजी ने अपने मावली साथियों की सहायता से तोरण किले के अध्यक्ष से परिचय प्राप्त किया और उसको किसी प्रकार इस बात पर प्रसन्न कर लिया कि वह तोरण किला उनको शिवाजी दे देवे। शिवाजी के जीवन का सबसे प्रथम कार्य जो बिना युद्व किये ही समाप्त हुआ, वह तोरण के दुर्ग को प्राप्त करना था जो सन् 1636 ई. में पूर्ण हुआ। उस समय जब शिवाजी की अवस्था केवल 19 वर्ष की थी। किला प्राप्त करने