तब उन्होंने शिवाजी के पास इस अभिप्राय का एक परवाना लिख भेजा जिससे कि अपनी इन चालबाजियों से हाथ खींच ले और साथ ही शाहजी के पास भी पत्र लिख भेजा कि वह अपने पुत्र शिवाजी को समझा देवे। पत्रोत्तर में शाहजी ने बादशाह बीजापुर को पत्र लिख दिया कि मेरे बेटे ने बिना मेरी सम्मति लिये यह काम किया है। मैं और मेरे सम्बन्धी दरबार के शुभचिन्तक हैं अतएव बहुत सम्भव है कि शिवाजी ने जो कुछ किया है वह जागीर की उन्नति और रक्षा ही के निमित्त किया हो।
तब उन्होंने शिवाजी के पास इस अभिप्राय का एक परवाना लिख भेजा जिससे कि अपनी इन चालबाजियों से हाथ खींच ले और साथ ही शाहजी के पास भी पत्र लिख भेजा कि वह अपने पुत्र शिवाजी को समझा देवे। पत्रोत्तर में शाहजी ने बादशाह बीजापुर को पत्र लिख दिया कि मेरे बेटे ने बिना मेरी सम्मति लिये यह काम किया है। मैं और मेरे सम्बन्धी दरबार के शुभचिन्तक हैं अतएव बहुत सम्भव है कि शिवाजी ने जो कुछ किया है वह जागीर की उन्नति और रक्षा ही के निमित्त किया हो।