के हाथ आ गये। इस बात पर शिवाजी बहुत खुश हुआ और ’कल्याण’ पहुंच कर उसने बहुत सा धन और माल ’सोमदेव’ को दिया और उस इलाके का सूबेदार बना दिया। वह बड़ी चुतरता के साथ इलाके का प्रबन्ध करने लगा। मालगुजारी का प्रबन्ध देश की पुरानी रीति पर करना शुरू किया। उन जागीरों को जो हिन्दुओं के मन्दिरों और तीर्थ स्थानों की थी और जिन्हें मुसलमानों ने छीन लिया था, हिन्दुओं को वापस करा दिया। इनके सिवाय ’गोशाला’ और ’राइरी’ के पास किले बनवाने शुरू
के हाथ आ गये। इस बात पर शिवाजी बहुत खुश हुआ और ’कल्याण’ पहुंच कर उसने बहुत सा धन और माल ’सोमदेव’ को दिया और उस इलाके का सूबेदार बना दिया। वह बड़ी चुतरता के साथ इलाके का प्रबन्ध करने लगा। मालगुजारी का प्रबन्ध देश की पुरानी रीति पर करना शुरू किया। उन जागीरों को जो हिन्दुओं के मन्दिरों और तीर्थ स्थानों की थी और जिन्हें मुसलमानों ने छीन लिया था, हिन्दुओं को वापस करा दिया। इनके सिवाय ’गोशाला’ और ’राइरी’ के पास किले बनवाने शुरू