कर दिये। दो किले बने एक ’भर्दारी’ और दूसरा लंगाना’। मुल्ला अहमद से (जिसको आवाजी सोमदेव ने कैद किया था) शिवाजी बड़ी प्रतिष्ठा के साथ मिला और उसको कैद से छुड़ा दिया। वह वहां से छूट कर सीधा दरबार में जा पहुंचा और वहां उसने शिवाजी की शक्ति का वृत्तान्त सबको सुनाया, जिसे सुन कर आदिलशाह को बड़ी चिन्ता हुई। उसके मन में यह सन्देह था कि यह सब कार्यवाही शाहजी की साजिश से हो रही है, और चूंकि कर्नाटक में शाहजी बड़े जोर पर थे, बादशाह
कर दिये। दो किले बने एक ’भर्दारी’ और दूसरा लंगाना’। मुल्ला अहमद से (जिसको आवाजी सोमदेव ने कैद किया था) शिवाजी बड़ी प्रतिष्ठा के साथ मिला और उसको कैद से छुड़ा दिया। वह वहां से छूट कर सीधा दरबार में जा पहुंचा और वहां उसने शिवाजी की शक्ति का वृत्तान्त सबको सुनाया, जिसे सुन कर आदिलशाह को बड़ी चिन्ता हुई। उसके मन में यह सन्देह था कि यह सब कार्यवाही शाहजी की साजिश से हो रही है, और चूंकि कर्नाटक में शाहजी बड़े जोर पर थे, बादशाह