बहुतेरा कहा कि शिवाजी से मेरा कोई सम्बन्ध नहीं है। वह
48 छत्रपति शिवाजी
बादशाह का बागी है और मुझ से बग़ावत ठानता है। शाहजी की इन बातों पर बादशाह ने कुछ भी ध्यान न दिया और क्रोध में आकर आज्ञा दे दी कि शीध्र ही शाहजी काो किसी अंधेरे गढ़े में कैद कर दिया जाय और वहां एक छोटा सूराख छोड़ कर कोई द्वार भी न खुला रहे। साथ ही यह भी धमकी दी कि यदि शिवाजी शीध्र ही अराजकता फैलाना बन्द न करेगा तो वह सूराख (छेद) भी बन्द कर दिया जायेगा और शाहजी को जिन्दा ही द़फन कर दिया जायेगा।
बहुतेरा कहा कि शिवाजी से मेरा कोई सम्बन्ध नहीं है। वह
48 छत्रपति शिवाजी
बादशाह का बागी है और मुझ से बग़ावत ठानता है। शाहजी की इन बातों पर बादशाह ने कुछ भी ध्यान न दिया और क्रोध में आकर आज्ञा दे दी कि शीध्र ही शाहजी काो किसी अंधेरे गढ़े में कैद कर दिया जाय और वहां एक छोटा सूराख छोड़ कर कोई द्वार भी न खुला रहे। साथ ही यह भी धमकी दी कि यदि शिवाजी शीध्र ही अराजकता फैलाना बन्द न करेगा तो वह सूराख (छेद) भी बन्द कर दिया जायेगा और शाहजी को जिन्दा ही द़फन कर दिया जायेगा।