छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

के नेता ने सीरिया की एक धर्मसभा में धर्मचर्चा की थी। कतिपय ईसाइयों ने बौद्व धर्म और ईसाई मत में समानता तो स्वीकार की है किन्तू वे बौद्व धर्म की उत्पत्ति ईसाई मत से मानते हैं। इस धारणा में सत्य नहीं है। भारत में बौद्व धर्म ईसाई मत के आविर्भाव से पहले उत्पन्न हो चुका था। अतः यह स्पष्ट है कि ईसाई मत की उत्पत्ति बौद्व मत से हुई है। आर्यों के मान्य ग्रन्थ वेद संसार के प्राचीनतम धर्मग्रन्थ हैं। इसी तथ्य से यह सिद्व हो जाता


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के नेता ने सीरिया की एक धर्मसभा में धर्मचर्चा की थी। कतिपय ईसाइयों ने बौद्व धर्म और ईसाई मत में समानता तो स्वीकार की है किन्तू वे बौद्व धर्म की उत्पत्ति ईसाई मत से मानते हैं। इस धारणा में सत्य नहीं है। भारत में बौद्व धर्म ईसाई मत के आविर्भाव से पहले उत्पन्न हो चुका था। अतः यह स्पष्ट है कि ईसाई मत की उत्पत्ति बौद्व मत से हुई है। आर्यों के मान्य ग्रन्थ वेद संसार के प्राचीनतम धर्मग्रन्थ हैं। इसी तथ्य से यह सिद्व हो जाता


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