होता था। गोलकुण्डा का बादशाह इस समय कुतुबशाह था और मीर जुमला जो हिन्दुस्तान में एक प्रसिद्व मनुष्य हुआ है, उसका प्रधानमंत्री था। मीरजुमला के पुत्र मुहम्मद अमीन से कुछ अपराध हो गया था और बादशाह ने उसको दण्ड देने की ठानी थी। मीरजुमला को यह बुरा मालूम हुआ और उसने शाहजहां के पास इस बात की शिकायत की। औरंगजेब ने भी शाहजहां को खूब पट्टी पढ़ाई क्योंकि वह लड़ाई के लिए कोई बहाना ढूंढ़ रहा था। इसका फल यह हुआ कि शाहजहां ने क्रोध में
होता था। गोलकुण्डा का बादशाह इस समय कुतुबशाह था और मीर जुमला जो हिन्दुस्तान में एक प्रसिद्व मनुष्य हुआ है, उसका प्रधानमंत्री था। मीरजुमला के पुत्र मुहम्मद अमीन से कुछ अपराध हो गया था और बादशाह ने उसको दण्ड देने की ठानी थी। मीरजुमला को यह बुरा मालूम हुआ और उसने शाहजहां के पास इस बात की शिकायत की। औरंगजेब ने भी शाहजहां को खूब पट्टी पढ़ाई क्योंकि वह लड़ाई के लिए कोई बहाना ढूंढ़ रहा था। इसका फल यह हुआ कि शाहजहां ने क्रोध में