कुछ होने पर भी आर्य जाति का क्रमबद्व इतिहास नहीं है। इस विषय में कुछ लोगों का कहना है कि इतिहासलेखन की ओर हमारे पूर्वजों ने ध्यान नहीं दिया। कुछ अन्यों का ख्याल है कि हमारे अनके ग्रन्थ और उनसे भरे पुस्तकालय नष्ट कर दिये गये । इन बातों में यदि सच्चाई है तो हम बिना संकोच कह सकते हैं कि आर्य जाति का इतिहास तथा उसके उपकरण विद्यमान हैं और यदि कोई शोधकर्ता संस्कृत के ग्रन्थों के आधार पर इतिहास के तथ्यों का अन्वेषण करे तो बहुत कुछ जानकारी मिल सकती है।
कुछ होने पर भी आर्य जाति का क्रमबद्व इतिहास नहीं है। इस विषय में कुछ लोगों का कहना है कि इतिहासलेखन की ओर हमारे पूर्वजों ने ध्यान नहीं दिया। कुछ अन्यों का ख्याल है कि हमारे अनके ग्रन्थ और उनसे भरे पुस्तकालय नष्ट कर दिये गये । इन बातों में यदि सच्चाई है तो हम बिना संकोच कह सकते हैं कि आर्य जाति का इतिहास तथा उसके उपकरण विद्यमान हैं और यदि कोई शोधकर्ता संस्कृत के ग्रन्थों के आधार पर इतिहास के तथ्यों का अन्वेषण करे तो बहुत कुछ जानकारी मिल सकती है।