सामना करने की तैयारी की। अफजल खां ने 5000 सवार तथा 7000 पैदल सेना, तोपखाना व अन्य सांग्रामिक सामग्री साथ लेकर चढ़ाई कर दी।
प्रतापगढ़ किला उन किलों में से है जिन्हें शिवाजी ने स्वयं बनवाया था। प्रतापगढ़ की स्थानिक अवस्था शिवाजी की बुद्विमत्ता तथा विचारशीलता का प्रमाण देती है। दक्षिण के नितान्त सिरे पर यह दुर्ग एक महान् मण्डल को सुदृढ़ करता है। पश्चिम में एक दर्रे के ऊपर है ( जो कि दक्षिण से कोंकण जाने के लिए उचित रास्ता
सामना करने की तैयारी की। अफजल खां ने 5000 सवार तथा 7000 पैदल सेना, तोपखाना व अन्य सांग्रामिक सामग्री साथ लेकर चढ़ाई कर दी।
प्रतापगढ़ किला उन किलों में से है जिन्हें शिवाजी ने स्वयं बनवाया था। प्रतापगढ़ की स्थानिक अवस्था शिवाजी की बुद्विमत्ता तथा विचारशीलता का प्रमाण देती है। दक्षिण के नितान्त सिरे पर यह दुर्ग एक महान् मण्डल को सुदृढ़ करता है। पश्चिम में एक दर्रे के ऊपर है ( जो कि दक्षिण से कोंकण जाने के लिए उचित रास्ता