दोहरी पक्की दीवारें उसके चारों तरफ हैं और चार मीनारें (बुर्ज) भी हैं।
उत्तरी किले में शिवाजी की आराध्या देवी का मन्दिर है और ऊपरी भाग में महादेव तथा पार्वती का मन्दिर है। शिवाजी के अपने निवास का स्थान भी इसी में है जो कि थोड़ी ही जगह में हैं। शिवाजी इसी किले के अन्दर थे जिस समय उन्होंने अफ़ज़ल खां की सेना देखी दिल में विचारा कि इस बड़ी सेना से सामना करना निष्फल है। अतएव सन्देशा भेजा और अत्यन्त नम्रता से क्षमा-प्रार्थना
दोहरी पक्की दीवारें उसके चारों तरफ हैं और चार मीनारें (बुर्ज) भी हैं।
उत्तरी किले में शिवाजी की आराध्या देवी का मन्दिर है और ऊपरी भाग में महादेव तथा पार्वती का मन्दिर है। शिवाजी के अपने निवास का स्थान भी इसी में है जो कि थोड़ी ही जगह में हैं। शिवाजी इसी किले के अन्दर थे जिस समय उन्होंने अफ़ज़ल खां की सेना देखी दिल में विचारा कि इस बड़ी सेना से सामना करना निष्फल है। अतएव सन्देशा भेजा और अत्यन्त नम्रता से क्षमा-प्रार्थना