की । इस पर अफ़ज़ल खां ने एक गोपीनाथ ब्राह्यण को शिवाजी के पास भेजा कि यदि शिवाजी अफ़ज़ल खां इस बात का जिम्मा ले सकता है कि शिवाजी को बादशाह से मिला कर क्षमा दिला दिया और उसके साथ यह सम्मति की कि किसी प्रकार से अफ़ज़ल खां को एकाकी मिला देवे और यह भ्ज्ञी कहला भेजा कि यदि आप निःसन्देह सच्चे हैं और आपकी भावना में किसी प्रकार का पाप नहीं हैं तो स्वयम् अकेले किले के निकट आ कर मुझ से मिलिए और शपथ खाइये कि आप किसी प्रकार का धोखा मेरे
की । इस पर अफ़ज़ल खां ने एक गोपीनाथ ब्राह्यण को शिवाजी के पास भेजा कि यदि शिवाजी अफ़ज़ल खां इस बात का जिम्मा ले सकता है कि शिवाजी को बादशाह से मिला कर क्षमा दिला दिया और उसके साथ यह सम्मति की कि किसी प्रकार से अफ़ज़ल खां को एकाकी मिला देवे और यह भ्ज्ञी कहला भेजा कि यदि आप निःसन्देह सच्चे हैं और आपकी भावना में किसी प्रकार का पाप नहीं हैं तो स्वयम् अकेले किले के निकट आ कर मुझ से मिलिए और शपथ खाइये कि आप किसी प्रकार का धोखा मेरे