के विषय में साधारणतया तथा मरहठों के विषय में विशेषतया मुसलमान लेखकों के सम्पूर्ण लेख प्रायः ऐसी ही भूलों और पक्षपातों से भर पड़े हैं। स्टाक साहब ने लिखा है कि मुसलमानों के इतिहास के मुकाबले मरहठों के इतिहास अधिक विश्वास करने योग्य हैं। अतः सम्पूर्ण मरहठा लेख कइस बात पर सहमत हैं कि शिवाजी ने अफ़ज़ल खां स्वयम् उत्कण्ठित था कि शिवाजी को मेल जोल में फंसा कर हनन करे। शिवाजी शरीर से दुबले थे परन्तु अफ़ज़ल खां की मोटाई को कुछ नहीं
के विषय में साधारणतया तथा मरहठों के विषय में विशेषतया मुसलमान लेखकों के सम्पूर्ण लेख प्रायः ऐसी ही भूलों और पक्षपातों से भर पड़े हैं। स्टाक साहब ने लिखा है कि मुसलमानों के इतिहास के मुकाबले मरहठों के इतिहास अधिक विश्वास करने योग्य हैं। अतः सम्पूर्ण मरहठा लेख कइस बात पर सहमत हैं कि शिवाजी ने अफ़ज़ल खां स्वयम् उत्कण्ठित था कि शिवाजी को मेल जोल में फंसा कर हनन करे। शिवाजी शरीर से दुबले थे परन्तु अफ़ज़ल खां की मोटाई को कुछ नहीं