जो जो कटुशब्द यथा काफिर, चूहा आदि मुसलमान
छत्रपति शिवाजी 59
लेखकों ने लिख मारा है और जो जो किंवदन्तियां शिवाजी की लल्लो चप्पों तथा चालों की लिखी हैं वे स्वयं इस बात की गवाही देती हैं कि मुसलमान निरिक्षकों की सम्मति पक्षपात शून्य नहीं है। सन्देह की अवस्था में प्रत्येक लेखक ने अपनी ही कल्पना से काम लेकर कोरी कल्पना द्वारा झूठे झूठे चित्र खींचे हैं। यह भी याद रखना चाहिए कि (अंगे्रज लेखक स्टाक साहब ने लिखा है) हिन्दुओं
जो जो कटुशब्द यथा काफिर, चूहा आदि मुसलमान
छत्रपति शिवाजी 59
लेखकों ने लिख मारा है और जो जो किंवदन्तियां शिवाजी की लल्लो चप्पों तथा चालों की लिखी हैं वे स्वयं इस बात की गवाही देती हैं कि मुसलमान निरिक्षकों की सम्मति पक्षपात शून्य नहीं है। सन्देह की अवस्था में प्रत्येक लेखक ने अपनी ही कल्पना से काम लेकर कोरी कल्पना द्वारा झूठे झूठे चित्र खींचे हैं। यह भी याद रखना चाहिए कि (अंगे्रज लेखक स्टाक साहब ने लिखा है) हिन्दुओं