शिवाजी को भी दूत ने यह सब समाचार दिया कि अफ़ज़ल खां की भावना दुष्ट है और उसकी इच्छा है कि किसी तरीके से शिवाजी को फंसाया जाय। अफ़ज़ल खां के दूत (उसी ब्राह्यण) को जब धर्म की सौगन्ध दी गई तो उसने सम्पूर्ण वृत्तान्त सत्य सत्य बखान कर दिया। शिवाजी ने
60 छत्रपति शिवाजी
सेचा कि भाग्य परीक्षा अवश्य करनी चाहिए। अतएव मिलने की स्वीकृति दे दी। फलस्वरूप मिलने के लिए स्थान नियत किया गया। शिवाजी पूर्ण रूप से सुसज्जित हो कर रवाना हुए
शिवाजी को भी दूत ने यह सब समाचार दिया कि अफ़ज़ल खां की भावना दुष्ट है और उसकी इच्छा है कि किसी तरीके से शिवाजी को फंसाया जाय। अफ़ज़ल खां के दूत (उसी ब्राह्यण) को जब धर्म की सौगन्ध दी गई तो उसने सम्पूर्ण वृत्तान्त सत्य सत्य बखान कर दिया। शिवाजी ने
60 छत्रपति शिवाजी
सेचा कि भाग्य परीक्षा अवश्य करनी चाहिए। अतएव मिलने की स्वीकृति दे दी। फलस्वरूप मिलने के लिए स्थान नियत किया गया। शिवाजी पूर्ण रूप से सुसज्जित हो कर रवाना हुए