छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

शासन से लेकर अंग्रेजी हकूमत तक रहा। लालाजी ने अपने प्रमुख ग्रन्थ उर्दू में लिखे हैं। कालान्तर में जब वे राजनीति के क्षेत्र में आये तो उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए अंग्रेजी का सहारा लेना पड़ा। वकालत जैसे व्यस्त व्यवसाय में आकण्ठ मग्न रहने पर भी लालाजी अध्ययन के लिए पर्याप्त समय निकाल लेते थे। महापुरूषों के जीवनचरितों को पढ़ना तथा उन पर मनन करना उनकी पहली प्राथमिकता थी। स्वदेश के इतिहास का अध्ययन भी उन्होंने


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शासन से लेकर अंग्रेजी हकूमत तक रहा। लालाजी ने अपने प्रमुख ग्रन्थ उर्दू में लिखे हैं। कालान्तर में जब वे राजनीति के क्षेत्र में आये तो उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए अंग्रेजी का सहारा लेना पड़ा। वकालत जैसे व्यस्त व्यवसाय में आकण्ठ मग्न रहने पर भी लालाजी अध्ययन के लिए पर्याप्त समय निकाल लेते थे। महापुरूषों के जीवनचरितों को पढ़ना तथा उन पर मनन करना उनकी पहली प्राथमिकता थी। स्वदेश के इतिहास का अध्ययन भी उन्होंने


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