छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

बहुत अच्छा होता यदि कोई दैवी आकाश वाणी होती और इन लोगों को पारस्परिक युद्व की हानियां समझा कर रोकती।

शिवाजी को जब समाचार मिला तो उसने समझा कि मैंने बड़ी भारी भूल की जो इस प्रकार किले में घिर कर बैठ गया। घेरे को चार महीने हो गये यद्यपिइ इस समय तक शत्रु को आक्रमण करने का कोई अवसर नहीं मिला तथापि शत्रु तब भी डटा रहा और सचेत रहा। अन्त को शिवाजी ने एक नई चाल अर्थात् सन्धि के लिए बातचीत चलाई। दोनों ओर से लड़ाई बन्द कर दी गई।


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बहुत अच्छा होता यदि कोई दैवी आकाश वाणी होती और इन लोगों को पारस्परिक युद्व की हानियां समझा कर रोकती।

शिवाजी को जब समाचार मिला तो उसने समझा कि मैंने बड़ी भारी भूल की जो इस प्रकार किले में घिर कर बैठ गया। घेरे को चार महीने हो गये यद्यपिइ इस समय तक शत्रु को आक्रमण करने का कोई अवसर नहीं मिला तथापि शत्रु तब भी डटा रहा और सचेत रहा। अन्त को शिवाजी ने एक नई चाल अर्थात् सन्धि के लिए बातचीत चलाई। दोनों ओर से लड़ाई बन्द कर दी गई।


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