में भारतवर्ष से हिन्दू राज्यों की समाप्ति कर दी। इसी भीतरी संग्राम ने पीछे कई आक्रमणकारी मुसलमानों को भारत को लूटने का अवसर दिया। इसी भीतरी संग्राम ने हिन्दुओं को जातीय अवस्था से अलग कर दिया। इसी भीतरी संग्राम ने मरहठों की अवनति की। इसी ने शिवाजी के हाथ से लगाये हुए पौधों को समूल नष्ट कर दिया। इसी पारस्परिक संग्राम ने सिखों का नाश किया तथा अब भी यही परस्पर का संग्राम हिन्दुओं की उन्नति तथा पारस्परिक प्रेम में बाधक है।
में भारतवर्ष से हिन्दू राज्यों की समाप्ति कर दी। इसी भीतरी संग्राम ने पीछे कई आक्रमणकारी मुसलमानों को भारत को लूटने का अवसर दिया। इसी भीतरी संग्राम ने हिन्दुओं को जातीय अवस्था से अलग कर दिया। इसी भीतरी संग्राम ने मरहठों की अवनति की। इसी ने शिवाजी के हाथ से लगाये हुए पौधों को समूल नष्ट कर दिया। इसी पारस्परिक संग्राम ने सिखों का नाश किया तथा अब भी यही परस्पर का संग्राम हिन्दुओं की उन्नति तथा पारस्परिक प्रेम में बाधक है।