छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

से पहंुच गये। देशपाण्डे और वे मावली अत्यन्त वीरता से लड़ते रहे, आधे के लगभग मारे गये परन्तू फिर भी शत्रु को रास्ता नहीं दिया। यहां तक कि देशपाण्डे भी लड़ते लड़ते मारे गये। यह अभी जमीन पर गिरे भी न थे कि गोलियों का शब्द सुनाई दिया। देशपाण्डे ने समझा कि शिवाजी सकुशल किले में पहंुच गये इस प्रकार खुशी से उन्होंने अपने प्राण त्याग दिये। अन्य साथियों ने देशपाण्डे की लाश को उठाकर अगणित शत्रुओं को हताश छोड़ कर अपना रास्ता लिया। इस


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से पहंुच गये। देशपाण्डे और वे मावली अत्यन्त वीरता से लड़ते रहे, आधे के लगभग मारे गये परन्तू फिर भी शत्रु को रास्ता नहीं दिया। यहां तक कि देशपाण्डे भी लड़ते लड़ते मारे गये। यह अभी जमीन पर गिरे भी न थे कि गोलियों का शब्द सुनाई दिया। देशपाण्डे ने समझा कि शिवाजी सकुशल किले में पहंुच गये इस प्रकार खुशी से उन्होंने अपने प्राण त्याग दिये। अन्य साथियों ने देशपाण्डे की लाश को उठाकर अगणित शत्रुओं को हताश छोड़ कर अपना रास्ता लिया। इस


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