और विशालगढ़ तथा आसपास के किले जो शिवाजी ने ले लिये थे बादशाह के
66 छत्रपति शिवाजी
हाथ आ गये। इतने में वर्षा आरम्भ हो गई। बादशाह ने कृष्णा नदी के किनारे ’’चमलगे’’ स्थान पर अपना खेमा जमा दिया। शिवाजी ने यद्यपि बादशाह का सामना नहीं किया परन्तु फिर भी वह चुपचाप नहीं रहा। वर्षा के प्रारम्भ में वह ’राजापुर’ के सामने जा उपस्थित हुआ और उसने उस नगर को लूटा। इस अवसर पर अंगे्रजो की भी कुछ हानि हुई और कई एक बड़े कारखाने वाले पकड़
और विशालगढ़ तथा आसपास के किले जो शिवाजी ने ले लिये थे बादशाह के
66 छत्रपति शिवाजी
हाथ आ गये। इतने में वर्षा आरम्भ हो गई। बादशाह ने कृष्णा नदी के किनारे ’’चमलगे’’ स्थान पर अपना खेमा जमा दिया। शिवाजी ने यद्यपि बादशाह का सामना नहीं किया परन्तु फिर भी वह चुपचाप नहीं रहा। वर्षा के प्रारम्भ में वह ’राजापुर’ के सामने जा उपस्थित हुआ और उसने उस नगर को लूटा। इस अवसर पर अंगे्रजो की भी कुछ हानि हुई और कई एक बड़े कारखाने वाले पकड़