कर कैद कर लिये गये। शिवाजी को इन पर सन्देह हो गया था कि इन्होंने ’पलाना’ के घेरे के समय शत्रुओं को बारूद और गोली की सहायता दी थी। शिवाजी को उस समय यह ध्यान न था कि यही अंगे्रज व्यापारी शीध्र ही भारतवर्ष के स्वामी बन जायेंगे और शिवाजी की सन्तान उनके आधीन एक कर देने वाले साधारण मण्डलेश (राजा) से अधिक कीर्ति वाली न रहेगी।
शिवाजी को यह ध्यान न था कि यवन राज्य के नाश होने से उनकी जाति का कुछ लाभ न होगा किन्तु एक दूसरी ही
कर कैद कर लिये गये। शिवाजी को इन पर सन्देह हो गया था कि इन्होंने ’पलाना’ के घेरे के समय शत्रुओं को बारूद और गोली की सहायता दी थी। शिवाजी को उस समय यह ध्यान न था कि यही अंगे्रज व्यापारी शीध्र ही भारतवर्ष के स्वामी बन जायेंगे और शिवाजी की सन्तान उनके आधीन एक कर देने वाले साधारण मण्डलेश (राजा) से अधिक कीर्ति वाली न रहेगी।
शिवाजी को यह ध्यान न था कि यवन राज्य के नाश होने से उनकी जाति का कुछ लाभ न होगा किन्तु एक दूसरी ही