वर्ष वर्षा ऋतु में उन्हांेने प्रतापगढ़ में एक मन्दिर बनवाया और रामदास जी स्वामी को अपना गुरू मानकर पूजन का भार सौंप दिया। उसका पूजन ऐसा न था जो उसकी संग्राम की कार्यवाहियों अथवा देशप्राप्ति में सहायक होता। वर्षा भर फतेह खां के पीछे लगे रहने पर कई एक गांवों पर उन्होंने विजय प्राप्त की। अब बीजापुर का थोड़ा सा हाल सुनिये। बादशाह एक और सन्देह में पड़ा।
छत्रपति शिवाजी 67
ऊपर लिखा जा चुका है कि राजा को सीदीजौहर पर रिश्वत लेने
वर्ष वर्षा ऋतु में उन्हांेने प्रतापगढ़ में एक मन्दिर बनवाया और रामदास जी स्वामी को अपना गुरू मानकर पूजन का भार सौंप दिया। उसका पूजन ऐसा न था जो उसकी संग्राम की कार्यवाहियों अथवा देशप्राप्ति में सहायक होता। वर्षा भर फतेह खां के पीछे लगे रहने पर कई एक गांवों पर उन्होंने विजय प्राप्त की। अब बीजापुर का थोड़ा सा हाल सुनिये। बादशाह एक और सन्देह में पड़ा।
छत्रपति शिवाजी 67
ऊपर लिखा जा चुका है कि राजा को सीदीजौहर पर रिश्वत लेने