थोड़ी देर बाद सम्पूर्ण सेना (जो शिवाजी का सामना करने के लिए नियत की गई थी) वापस बुला ली गई और बीजापुर के बादशाह ने शिवाजी के पिता से
68 छत्रपति शिवाजी
मेल कर लिया। इसी बीच ’बाजीघोरपड़े’ का देहान्त हो गया।
’बाजीघोरपड़े’ की मृत्यु का समाचार जिस समय शाहजी (शिवाजी के पिता) ने सुना तो अत्यन्त प्रसन्न हुए। इसी अवसर पर अपने पुत्र शिवाजी से मिलने के निमित्त कर्णाटक से इधर आये। शिवाजी ने जिस समय समाचार सुना तो अपनी श्रद्वा
थोड़ी देर बाद सम्पूर्ण सेना (जो शिवाजी का सामना करने के लिए नियत की गई थी) वापस बुला ली गई और बीजापुर के बादशाह ने शिवाजी के पिता से
68 छत्रपति शिवाजी
मेल कर लिया। इसी बीच ’बाजीघोरपड़े’ का देहान्त हो गया।
’बाजीघोरपड़े’ की मृत्यु का समाचार जिस समय शाहजी (शिवाजी के पिता) ने सुना तो अत्यन्त प्रसन्न हुए। इसी अवसर पर अपने पुत्र शिवाजी से मिलने के निमित्त कर्णाटक से इधर आये। शिवाजी ने जिस समय समाचार सुना तो अपनी श्रद्वा