छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

और पितृभक्ति के अनुसार कुछ मीलों आगे चल कर अपने पिता की अगवानी की और घोड़े से उतर कर आदर पूर्वक वन्दना की।


इस समय शिवाजी के पास पचास हजार पैदल सेना और सात हजार घुड़सवार सेना थी। चारों तरफ उनकी धाक जमी हुई थी। बीजापुर का राज्य और मुगलिया शासन चक्र तथा पश्चिम का इलाका कम्पायमान हो रहे थे। शिवाजी ने केवल थल संग्राम ही में नहीं अपितू सामुद्रिक संग्राम में भी नाम पैदा कर लिया था। सामुद्रिक संग्राम के लिए उन्होंने एक बहुत बड़ा


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और पितृभक्ति के अनुसार कुछ मीलों आगे चल कर अपने पिता की अगवानी की और घोड़े से उतर कर आदर पूर्वक वन्दना की।


इस समय शिवाजी के पास पचास हजार पैदल सेना और सात हजार घुड़सवार सेना थी। चारों तरफ उनकी धाक जमी हुई थी। बीजापुर का राज्य और मुगलिया शासन चक्र तथा पश्चिम का इलाका कम्पायमान हो रहे थे। शिवाजी ने केवल थल संग्राम ही में नहीं अपितू सामुद्रिक संग्राम में भी नाम पैदा कर लिया था। सामुद्रिक संग्राम के लिए उन्होंने एक बहुत बड़ा


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