शाही सेना के मुकाबले शिवाजी को बहुत से अवसर अपनी वीरता ओर धीरता और बुद्विमत्ता के दिखलाने के मिले। शिवाजी ने अपने शत्रुओं पर यह सिद्व कर दिया कि जो मनुष्य मरने मारने के लिए उद्यत हो वह एक ऐसा बलवान् मनुष्य हो जाता है जिससे बड़े बड़े राज्य भयभीत होते हैं और कभी कभी उजड़ भी जाते हैं। उसने अपने कामों से सिद्व कर दिया कि 16वीं शताब्दी के हिन्दुओं में भी कुछ महाभारत और रामायण काल के हिन्दुओं का रक्त शेष था। यद्यपि सामान्यतया
शाही सेना के मुकाबले शिवाजी को बहुत से अवसर अपनी वीरता ओर धीरता और बुद्विमत्ता के दिखलाने के मिले। शिवाजी ने अपने शत्रुओं पर यह सिद्व कर दिया कि जो मनुष्य मरने मारने के लिए उद्यत हो वह एक ऐसा बलवान् मनुष्य हो जाता है जिससे बड़े बड़े राज्य भयभीत होते हैं और कभी कभी उजड़ भी जाते हैं। उसने अपने कामों से सिद्व कर दिया कि 16वीं शताब्दी के हिन्दुओं में भी कुछ महाभारत और रामायण काल के हिन्दुओं का रक्त शेष था। यद्यपि सामान्यतया