छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

ही हुई। अन्त में उनके भाग्य ने पलटा खाया और किले का बुर्ज उड़ गया। हमला करने वाले लोग नीचे किले में आ गये और अन्दर किले की सेना ऊपर किले में जा रही थी उसने देखा कि शत्रुओं ने अपनी साधारण आदतों से घरों को लूटना और स्त्रियों को पकड़ना आरम्भ कर दिया है। मरहठे वीरों की क्रोधाग्नि भभक उठी और सबों ने निशाना लगा कर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमला करने वाले शत्रुओं के शव ढेर होने लगे शेष सब अपनी अपनी जान लेकर भाग निकले। उसी समय


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ही हुई। अन्त में उनके भाग्य ने पलटा खाया और किले का बुर्ज उड़ गया। हमला करने वाले लोग नीचे किले में आ गये और अन्दर किले की सेना ऊपर किले में जा रही थी उसने देखा कि शत्रुओं ने अपनी साधारण आदतों से घरों को लूटना और स्त्रियों को पकड़ना आरम्भ कर दिया है। मरहठे वीरों की क्रोधाग्नि भभक उठी और सबों ने निशाना लगा कर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमला करने वाले शत्रुओं के शव ढेर होने लगे शेष सब अपनी अपनी जान लेकर भाग निकले। उसी समय


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