’मावलियों’ का एक समूह अपने अध्यक्ष के साथ नीचे उतर आया और तलवारें खींच, कसम खाता हुआ शत्रु पर टूट पड़ा, जो जो सामने आया बसको मार गिराया। बचे खुचे अपना प्राण लेकर भाग गये। दिलेर खां की सारी सेना पहाड़ी पर धर कर स्वंय मृत्यु की मूर्ति बन रहे थे दिलेर खा हाथी पर चढ़ा हुआ पहाड़ी के नीेचे से सब घटनाएं देख रहा था और नीचे से ही अपनी आज्ञा दे रहा था।
जब दिलेर खां ने देखा कि यहां तो बना बनाया खेल बिगड़ा जा रहा है तो अपने साथी पठानों
’मावलियों’ का एक समूह अपने अध्यक्ष के साथ नीचे उतर आया और तलवारें खींच, कसम खाता हुआ शत्रु पर टूट पड़ा, जो जो सामने आया बसको मार गिराया। बचे खुचे अपना प्राण लेकर भाग गये। दिलेर खां की सारी सेना पहाड़ी पर धर कर स्वंय मृत्यु की मूर्ति बन रहे थे दिलेर खा हाथी पर चढ़ा हुआ पहाड़ी के नीेचे से सब घटनाएं देख रहा था और नीचे से ही अपनी आज्ञा दे रहा था।
जब दिलेर खां ने देखा कि यहां तो बना बनाया खेल बिगड़ा जा रहा है तो अपने साथी पठानों