उससे जान बचाना असम्भव हैं निशाने लगा कर तीरों की बौछार शुरू
छत्रपति शिवाजी 79
कर दी। उन तीरों में से एक तीर वीर ’बाजी’ की छाती में जा घुसा और बाजी का प्राणान्त हो गया। बस फिर क्या था, उसके साथियों में खलबली मच गई और उन्होंने ऊपर के किले की ओर मुंह किया। दिलेर खां की सेना ने फिर किले के नीचे के भाग में हमला कर दिया, दिलेर खां की सेना ने फिर किले के नीचे के भाग में हमला कर दिया, परन्तु मरहठा सेना अपने अध्यक्षके मर जाने
उससे जान बचाना असम्भव हैं निशाने लगा कर तीरों की बौछार शुरू
छत्रपति शिवाजी 79
कर दी। उन तीरों में से एक तीर वीर ’बाजी’ की छाती में जा घुसा और बाजी का प्राणान्त हो गया। बस फिर क्या था, उसके साथियों में खलबली मच गई और उन्होंने ऊपर के किले की ओर मुंह किया। दिलेर खां की सेना ने फिर किले के नीचे के भाग में हमला कर दिया, दिलेर खां की सेना ने फिर किले के नीचे के भाग में हमला कर दिया, परन्तु मरहठा सेना अपने अध्यक्षके मर जाने