के कारण सब का उत्साह न्यून होता जाता था। इतने में इन्हें समाचार मिला कि शिवाजी ने सन्धि की शर्ते ठहरा ली हैं अर्थात् जो किला दिलेर खां की दिलेरी से हाथ न आया था, जिसकी रक्षा के लिए हजारों मरहठों ने प्राणों की बाजी लगा रक्खी थी, जिसकी रक्षा में सुप्रसिद्व वीर शेर ’बाजी’ मारा गया था। उसी किले को शिवाजी ने एक स्वप्न मात्र से घबड़ाकर एक मिथ्या विश्वास से निर्बल होकर सहज ही शत्रु के हवाले कर दिया। यह सच है कि इसी प्रकार के
के कारण सब का उत्साह न्यून होता जाता था। इतने में इन्हें समाचार मिला कि शिवाजी ने सन्धि की शर्ते ठहरा ली हैं अर्थात् जो किला दिलेर खां की दिलेरी से हाथ न आया था, जिसकी रक्षा के लिए हजारों मरहठों ने प्राणों की बाजी लगा रक्खी थी, जिसकी रक्षा में सुप्रसिद्व वीर शेर ’बाजी’ मारा गया था। उसी किले को शिवाजी ने एक स्वप्न मात्र से घबड़ाकर एक मिथ्या विश्वास से निर्बल होकर सहज ही शत्रु के हवाले कर दिया। यह सच है कि इसी प्रकार के