में आदर सम्मान और ऊंचा दर्जा मिलता रहे। जयसिंह की इस प्रतिज्ञा पर विश्वास करके शिवाजी के अपने की खबर पाई और अपने खेमे से बाहर होकर बड़े आदर के साथ उनसे मिला और अपने खेमे में लाकर अपनी दाहिनी तरफ बैठाया। बड़ा सत्कार आदर किया और उत्साह व र्धर्य से बात करने लगा। दूसरे दिन शिवाजी दिलेर खां से मिलने गये और अपने हाथ से ’पूर्णधर’ किले की सम्पूर्ण तालियां उसे सौंप दी। शिवाजी और जयसिंह के बीच सन्धि की ये शर्ते थी।
(1) जो भूमि
में आदर सम्मान और ऊंचा दर्जा मिलता रहे। जयसिंह की इस प्रतिज्ञा पर विश्वास करके शिवाजी के अपने की खबर पाई और अपने खेमे से बाहर होकर बड़े आदर के साथ उनसे मिला और अपने खेमे में लाकर अपनी दाहिनी तरफ बैठाया। बड़ा सत्कार आदर किया और उत्साह व र्धर्य से बात करने लगा। दूसरे दिन शिवाजी दिलेर खां से मिलने गये और अपने हाथ से ’पूर्णधर’ किले की सम्पूर्ण तालियां उसे सौंप दी। शिवाजी और जयसिंह के बीच सन्धि की ये शर्ते थी।
(1) जो भूमि