से छुटकारा पाकर एक महान् राज्य की नींव डाली जिसने मुग़ल सल्तनत को भारतवर्ष से उखाड़ फेंका।
जब शिवाजी दिल्ली दरबार को प्रस्थान कर रहे थे तो जयसिंह बीजापुर से मुकाबला कर रहे थे। शिवाजी का एक वीर अफसर तानाजी पालकर इसके साथ था और बड़ी वीरता से अपने स्वामी की तरफ से लड़ रहा था। शिवाजी के देहली से भाग आने पर औरंगजेब ने तानाजी को (जिसको मुसलमान इतिहासकारों ने नत्थूराम नाम से पुकारा है) पकड़ने की आज्ञा दी। ’तानाजी’ कैद करके दिल्ली
से छुटकारा पाकर एक महान् राज्य की नींव डाली जिसने मुग़ल सल्तनत को भारतवर्ष से उखाड़ फेंका।
जब शिवाजी दिल्ली दरबार को प्रस्थान कर रहे थे तो जयसिंह बीजापुर से मुकाबला कर रहे थे। शिवाजी का एक वीर अफसर तानाजी पालकर इसके साथ था और बड़ी वीरता से अपने स्वामी की तरफ से लड़ रहा था। शिवाजी के देहली से भाग आने पर औरंगजेब ने तानाजी को (जिसको मुसलमान इतिहासकारों ने नत्थूराम नाम से पुकारा है) पकड़ने की आज्ञा दी। ’तानाजी’ कैद करके दिल्ली